भारतीय समाज में आधुनिकता और परंपरा का द्वंद्व
Keywords:
भारतीय समाज, परंपरा, आधुनिकता, सामाजिक परिवर्तन, द्वंद्व, सांस्कृतिक चेतनाAbstract
भारतीय समाज की संरचना परंपरा और आधुनिकता के द्वैत से निर्मित हुई है। यह समाज न तो पूर्णतः परंपरावादी है और न ही पूरी तरह आधुनिक। यहाँ परंपरा जीवन की जड़ों से जुड़ी हुई है, जबकि आधुनिकता परिवर्तन और प्रगति का प्रतीक है। स्वतंत्रता के बाद भारतीय समाज में वैज्ञानिक चेतना, लोकतांत्रिक मूल्य, औद्योगीकरण, शहरीकरण और वैश्वीकरण ने आधुनिकता को गति दी, वहीं दूसरी ओर धार्मिक आस्थाएँ, सामाजिक रूढ़ियाँ, पारिवारिक मूल्य और सांस्कृतिक परंपराएँ समाज को स्थायित्व प्रदान करती रहीं। इस प्रकार भारतीय समाज में आधुनिकता और परंपरा के बीच एक निरंतर द्वंद्व देखने को मिलता है।
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