भक्ति साहित्य और भारतीय ज्ञान परम्परा: भाषा एवं लोकचेतना का अध्ययन

Authors

  • प्रियंका दहिया Author

DOI:

https://doi.org/10.56614/v4n3.02

Keywords:

भक्ति साहित्य, भारतीय ज्ञान परंपरा, लोकभाषा, लोकचेतना, संत साहित्य, सामाजिक समरसता।

Abstract

भक्ति साहित्य भारतीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक परंपरा की एक महत्वपूर्ण धारा है, जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को जनसामान्य तक पहुँचाने का कार्य किया। मध्यकालीन भारतीय समाज में जब ज्ञान, धर्म और शिक्षा पर सीमित वर्ग का अधिकार था, तब संत कवियों एवं भक्त कवियों ने लोकभाषाओं के माध्यम से आध्यात्मिक, नैतिक तथा सामाजिक ज्ञान का व्यापक प्रसार किया। भक्ति साहित्य ने भाषा को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम न मानकर सामाजिक परिवर्तन का साधन बनाया। इस साहित्य ने जाति, वर्ग, लिंग एवं धार्मिक भेदभाव का विरोध करते हुए लोकचेतना का विकास किया और भारतीय ज्ञान परंपरा को जनसुलभ बनाया। प्रस्तुत शोध-पत्र में भक्ति साहित्य की भाषा, लोकचेतना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्संबंधों का विश्लेषण किया गया है।

Downloads

Published

2026-07-04

How to Cite

भक्ति साहित्य और भारतीय ज्ञान परम्परा: भाषा एवं लोकचेतना का अध्ययन. (2026). अमृत काल (Amrit Kaal), ISSN: 3048-5118, 4(3), 10-13. https://doi.org/10.56614/v4n3.02

Similar Articles

1-10 of 55

You may also start an advanced similarity search for this article.