रामायण एवं महाभारत में शासन और न्याय की अवधारणा: एक विस्तृत समीक्षा लेख

Authors

  • डॉ सुप्रिया राव Author

Keywords:

रामायण, महाभारत, शासन, न्याय, नीति, धर्म, आदर्श राजा, राजनीति, कूटनीति

Abstract

रामायण और महाभारत, भारतीय संस्कृति और साहित्य के दो महाकाव्य, केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और नैतिक जीवन के आदर्शों को प्रस्तुत करने वाले मार्गदर्शक भी हैं। इन ग्रंथों में शासन और न्याय के सिद्धांतों का गहन चित्रण किया गया है। रामायण में भगवान राम को आदर्श राजा के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो अपने राज्य का शासन धर्म, नीति, और नैतिकता के आधार पर करता है। न्याय का स्वरूप नैतिक और धर्मप्रधान है, जिसमें राजा का प्रमुख कर्तव्य प्रजा का कल्याण और समाज में संतुलन बनाए रखना है।

Downloads

Published

2025-01-16

How to Cite

रामायण एवं महाभारत में शासन और न्याय की अवधारणा: एक विस्तृत समीक्षा लेख. (2025). अमृत काल (Amrit Kaal), ISSN: 3048-5118, 3(1), 60-66. https://languagejournals.com/index.php/amritkaal_Journal/article/view/109

Similar Articles

1-10 of 38

You may also start an advanced similarity search for this article.