रामायण एवं महाभारत में शासन और न्याय की अवधारणा: एक विस्तृत समीक्षा लेख
Keywords:
रामायण, महाभारत, शासन, न्याय, नीति, धर्म, आदर्श राजा, राजनीति, कूटनीतिAbstract
रामायण और महाभारत, भारतीय संस्कृति और साहित्य के दो महाकाव्य, केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और नैतिक जीवन के आदर्शों को प्रस्तुत करने वाले मार्गदर्शक भी हैं। इन ग्रंथों में शासन और न्याय के सिद्धांतों का गहन चित्रण किया गया है। रामायण में भगवान राम को आदर्श राजा के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो अपने राज्य का शासन धर्म, नीति, और नैतिकता के आधार पर करता है। न्याय का स्वरूप नैतिक और धर्मप्रधान है, जिसमें राजा का प्रमुख कर्तव्य प्रजा का कल्याण और समाज में संतुलन बनाए रखना है।
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