कर्म का सिद्धांत और भारतीय दर्शन

Authors

  • डॉ. हंसराज रैगर Author

Keywords:

उपनिषद्, गीता, कर्म, न्याय दर्शन, वैशेषिक दर्शन, मीमांसा दर्शन, सांख्य-योग दर्शन, वैदिक दर्शन, बौद्ध दर्शन, जैन दर्शन

Abstract

भारतीय दर्शन परम्परा में कर्म का महत्व पुराना है। मीमांसक भी कर्मवाद को विकृत करते हैं, लेकिन श्रीमद्भगवद्गीता का कर्म-योग मीमांसकों से अलग है। श्रीमद्भगवद्गीता सांसारिक कर्तव्यों को समझकर निष्काम बुद्धि से उनके पालन पर बल देती है, लेकिन मीमांसक याज्ञिक कर्म काण्ड को महत्व देते हैं।

Downloads

Published

2026-01-21

How to Cite

कर्म का सिद्धांत और भारतीय दर्शन. (2026). अमृत काल (Amrit Kaal), ISSN: 3048-5118, 4(1), 4-9. https://languagejournals.com/index.php/amritkaal_Journal/article/view/111

Similar Articles

1-10 of 40

You may also start an advanced similarity search for this article.