भारतीय लोकतंत्र में चुनावी व्यवहार का बदलता स्वरूप: एक विश्लेषण (वर्तमान संदर्भ में)

Authors

  • संदीप कुमार लौरा Author

Keywords:

भारतीय लोकतंत्र, चुनावी व्यवहार, मतदाता, सोशल मीडिया, विकास, लोकतंत्र, राजनीतिक दल।

Abstract

भारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक तंत्र है, जिसकी सफलता का आधार स्वतंत्र, निष्पक्ष और नियमित चुनाव हैं। चुनावी व्यवहार से आशय उन विभिन्न सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं मनोवैज्ञानिक कारकों से है जो मतदाता के मतदान निर्णय को प्रभावित करते हैं। समय के साथ भारत में चुनावी व्यवहार में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिले हैं। प्रारंभिक चुनावों में जाति, धर्म, भाषा तथा स्थानीय नेतृत्व प्रमुख निर्धारक थे, जबकि वर्तमान समय में विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल मीडिया, कल्याणकारी योजनाएँ तथा नेतृत्व की छवि भी महत्वपूर्ण कारक बन चुके हैं।

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Published

2026-07-06

How to Cite

भारतीय लोकतंत्र में चुनावी व्यवहार का बदलता स्वरूप: एक विश्लेषण (वर्तमान संदर्भ में). (2026). अमृत काल (Amrit Kaal), ISSN: 3048-5118, 4(3), 18-20. https://languagejournals.com/index.php/amritkaal_Journal/article/view/143

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