स्त्री विमर्श का विकास: आधुनिक हिन्दी कथा साहित्य के संदर्भ में
Keywords:
स्त्री विमर्श, नारी चेतना, आधुनिक हिन्दी कथा साहित्य, पितृसत्ता, अस्मिता, नारीवादAbstract
स्त्री विमर्श आधुनिक हिन्दी साहित्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रासंगिक क्षेत्र है, जिसने साहित्य को न केवल विषयवस्तु की दृष्टि से समृद्ध किया है, बल्कि दृष्टिकोण और संवेदना के स्तर पर भी एक नया वैचारिक आयाम प्रदान किया है। पितृसत्तात्मक सामाजिक संरचना में स्त्री की स्थिति, उसके अधिकार, शोषण, संघर्ष, चेतना और आत्मपहचान से जुड़े प्रश्न लंबे समय तक साहित्य में हाशिए पर रहे। आधुनिक काल में सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तन के साथ-साथ स्त्री चेतना ने साहित्य में सशक्त स्वर प्राप्त किया।
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