जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति का एक अध्ययन

Authors

  • डॉ. सुशील दत Author

Keywords:

स्वतंत्रता, क्रांति, आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक, संस्कृति

Abstract

जयप्रकाश नारायण बीसवीं सदी के भारतीय नेताओं में अपना विशिष्ट स्थान रखते हैं। व्यक्तित्व व कृतित्व दोनों ही दृष्टियों से अद्वितीय हैं। स्वतंत्रता संग्राम में एक कार्यकर्ता व मार्ग निर्देशक के रूप में उनकी भूमिका वीरता व शौर्य की प्रतिमूर्ति है। स्वतंत्रता के पश्चात् वे लोकतंत्र, स्वतंत्रता, समानता व भ्रातृत्व की भावनाओं एवं धर्मनिरपेक्षता को संरक्षक थे। भारत की स्वतंत्रता से पहले भारत देश की मिट्टी में क्रांतियों के बीजारोपण किये गये और वे क्रांतियाँ रक्तरंजित भी रहीं परन्तु कुछ विचारकों ने क्रांतियाँ तो की परन्तु उन क्रांतियों में रक्त की एक बूँद भी इस धरा पर नहीं गिरी, उन्हीं विचारकों में से एक थे जय प्रकाश नारायण।

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Published

2025-07-06

How to Cite

जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति का एक अध्ययन. (2025). अमृत काल (Amrit Kaal), ISSN: 3048-5118, 3(3), 19-22. https://languagejournals.com/index.php/amritkaal_Journal/article/view/138

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