शोध विषय: आधुनिक हिंदी साहित्य पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’का प्रभाव

Authors

  • धर्मवीर, प्रोफेसर बाबूराम Author

Keywords:

भारतीय , सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, परंपरा, मूल्य, समाज।

Abstract

आधुनिक हिंदी साहित्य की भारतीय समाज के सांस्कृतिक , राजनीतिक , धार्मिक, राष्ट्रवादी चिंतन और वैचारिक चिंतन को दिखाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 1850 से लेकर वर्तमान समय तक समाज में हुए संघर्ष और संघर्षों से उपजे निरंतर परिवर्तनों को आधुनिक हिन्दी साहित्य ने आवाज़ दी। विशेष रूप से भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ऊपजी राष्ट्रीयता की भावना को साहित्य ने विशेष बना दिया। इस प्रकार की भावना को एक दिशा देने में साहित्य ने अपनी महती भूमिका निभाई। इसी परिप्रेक्ष्य में हिन्दी साहित्य पर संघ के राष्ट्रवादी चिंतन का प्रभाव दिखाई देता है और इसका अध्ययन का विषय भी महत्त्वपूर्ण हो जाता है। आज तो सारा समाज संघ को जानने लगा है, सारा देश संघ की राष्ट्रवादी गतिविधियों, चिंतन और सुव्यवस्थाओं से हतप्रभ व प्रभावित है।

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Published

2026-01-22

How to Cite

शोध विषय: आधुनिक हिंदी साहित्य पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’का प्रभाव. (2026). अमृत काल (Amrit Kaal), ISSN: 3048-5118, 4(1), 10-12. https://languagejournals.com/index.php/amritkaal_Journal/article/view/117

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